How to secure food security during coronavirus havoc
सादर प्रणाम/नमस्कार!!!
How to secure food security during coronavirus havoc: इस संबंध में आज मैं आप लोगों से कुछ अपना निजी अनुभव साझा करना चाहता हूं।
सर्वप्रथम हमें संवेदनशील एवं सच्चे मन से सामने आने की जरूरत है। मित्रों मैं देख रहा हूं कि लोग फूड पैकेट्स बना रहे हैं एवं वितरण कर रहे हैं। प्रत्येक दिन हजारों एवं लाखों की संख्या में फूड पैकेट का वितरण किया जा रहा है इसके अतिरिक्त केले, पानी का बोतल, चाय, बिस्किट एवं अन्य खाद्य सामग्री का वितरण बहुतायत लोगों के द्वारा किया जा रहा है सब कुछ इस प्रकार से किया जा रहा है कि मानो हर व्यक्ति आज मानवता के बचाव के लिए खड़ा हो चुका हो तुरंत मैं आगे की सोचते हुए कुछ कहना चाहता हूं ।।।
1.यह आवश्यक है कि प्रतिदिन प्रत्येक व्यक्ति को पोषण युक्त भोजन मिले।
2. इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि भोजन उन्हें मिले जिन्हें वास्तव में आवश्यकता हैं, मैं देख पा रहा हूं कि बना हुआ पैकेट होने के कारण पैकेट वितरण की होड़ सी लगी हुई है एवं भोजन कुछ मात्रा में लोग खा रहे हैं एवं कुछ मात्रा में बर्बाद भी हो रहा है (An issue of hygiene is also involved with the coocked food).
3. लोगों से मेरी अपील है कि यदि संभव हो तो 250 ग्राम, 500 ग्राम, 1 किलोग्राम, 5 किलोग्राम व 10 किलोग्राम के सुखा खाद्यान्न पैकेट्स बनाकर रखें एवं उन परिवारों को जिन्हें वास्तव में आवश्यकता है उनको पहुंचाया जाए। इससे शायद अन्न का एक-एक दाना हम उपभोग करा सकेंगे।
4. सप्लाई चैन के लिए यह आवश्यक है कि सुखा खाद्यान्न का फूड बैंक प्रत्येक नगरीय निकाय, प्रत्येक तहसील हेड क्वार्टर, प्रत्येक ब्लॉक हेड क्वार्टर, प्रत्येक थाने, प्रत्येक चौकी एवं प्रत्येक ग्राम के महत्वपूर्ण व ईमानदार व्यक्तियों के पास इन्वेंटरी बनाकर रखा जाए एवं फोन कॉल प्राप्त होने के उपरांत अधिकतम आधे घंटे के अंदर संबंधित परिवार को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके।
5. India is in the state of total food security where availability of cereals and other food products are in abundance (storage of food supply is more than the required), what is more important is to maintain supply chain in this hour of crisis.
6. Volunteers/NGO's are required to support and motivate government functionaries in maintaining and delivering of food packets, food items to the exact family.
7. Some miscreants and anti-social elements are only confusing and creating an environment of disturbance without any contribution in this hour of crisis... I don't know how to deal with them.
I have share this to get more ideas and specific approach to develop long term sustainable strategy to maintain supply chain...
Your valuable suggestions are welcome
Regards
सलाम इंडिया के लिए...डॉक्टर सदानंद गुप्ता की फ़ेसबुक वॉल से साभार।
(डॉक्टर सदानन्द गुप्ता पीसीएस अधिकारी हैं जो कि वर्तमान में बुलन्दशहर में बतौर एसडीएम तैनात हैं,प्रदेश के ऊर्जावान,शानदार व मृदुभाषी पीसीएस अधिकारियों में गिने जाते हैं।)

