लॉकडाउन के बाद सड़कों पर मीले महाराष्ट्र के चार लोग,जिला प्रशासन ने पहुंचाया क्वॉरेंटाइन।


देशभर में लॉकडाउन है ,पिछले दिनों सभी राज्यों और जिलों की सीमाएं भी सील कर दी गई थीं, लेकिन उसके बाद भी देखा जा रहा है कि अभी भी कई लोग सड़कों पर नजर आ जाते हैं, ऐसे ही आज  4 लोग जिला प्रशासन को एनएच 235 मेरठ आगरा हाइवे  पर मिले थे,  जो कि न सिर्फ भूखे प्यासे थे ,बल्कि जयपुर से पैदल आ रहे थे,प्रशासन ने इन्हें मदद करते हुए शेल्टर होम भेज दिया ।जहां स्वास्थ्य परीक्षण के बाद क्वॉरेंटाइन किया गया है। वहीं कहीं न कहीं इसमें वो दावे भी धूमिल होते दिख रहे हैं जिनमे राज्यों और जिलों की सीमाओं को सील करने की बातें की जा रही थीं।



बुलंदशहर में आज बुलंदशहर से  मेरठ की तरफ हाइवे  पर  चार ऐसे लोगों को जिला प्रशासन ने सड़क से उठाकर क्वॉरेंटाइन किया है, जो कि महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और जानकारी के मुताबिक जयपुर से हरिद्वार जा रहे थे, इस बारे में उन लोगों का कहना है कि वह मेहनत मजदूरी करते थे और एक ठेकेदार उन्हें हरिद्वार से जयपुर ले  गया  था और जयपुर से ठेकेदार अचानक गायब हो गया ,जिसके बाद उनके पास वहां रुकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी ,तो वहीं भोजन पानी की भी दिक्कत उन्हें बनी हुई थी,



इतना ही नहीं राजस्थान से हरियाणा के पलवल में जब पहुंचे तो वहां उन्हें एक शेल्टर होम में शरण मिली और 2 दिन तक एक शेल्टर होम में रोका गया ,लेकिन उनकी मानें तो दूसरे दिन रात को वहां से भी उन्हें चलता कर दिया गया, इनका कहना है कि हरियाणा के पलवल  से एक ट्रक में बैठाकर  विदा कर दिया गया ,तो वहीं दूसरी तरफ जब बुलंदशहर जिला प्रशासन को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने आनन-फानन में मौके पर टीम को भेज कर  चारों लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद शहर के ब्रह्मानंद पब्लिक स्कूल में बनाए गए शेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया ।
इस बारे में एसडीएम  डॉक्टर सदानन्द गुप्ता ने  टीम को भेजकर टीम के जरिए इन्हें ब्रह्मानंद स्कूल के शेल्टर होम में भर्ती कराया  है।



तो वहीं मौके पर पहुंचे टीम के सदस्यों का कहना है कि इनकी जांच करने के बाद भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है, साथ ही ऑब्जरवेशन में रखा जाएगा । एसडीएम सदर ने इस पूरे प्रकरण में काफी ततपरता दिखाई और जैसे ही उन्हें इन चार लोगों के बारे में सूचना मिली टीम भेजकर उक्त लोगों की मदद की गई,हालांकि अब इन लोगों को न सिर्फ भोजन मिलेगा बल्कि रहने की भी व्यवस्था हो गयी है।



     लेकिन अभी भी ये बात कहीं न कहीं सवाल खड़ा करती है कि आखिर ये लोग कई राज्य पार करके राज्यों की सीमा सील होने के बावजूद कैसे बुलन्दशहर तक पहुंचे।


 



    तहसील के कर्मचारियों ने कहा कि एसडीएम  सदर डॉक्टर सदानन्द गुप्ता का  आदेश मिलते ही वो मय टीम के इन चारों को शेल्टर होम में ले जाने के लिए मौके पर पहुँचे हैं।


सलाम इंडिया के लिए बुलन्दशहर से  रिपोर्टर सौरभ कुमार सिंह की खबर।