पीएम मोदी ने राष्ट्र को किया सम्बोधित,तीन मई तक लॉक डाउन।
19 दिन औऱ बढ़ा लॉक डाउन,
पीएम बोले देशभर में एक लाख से ज्यादा बेड की व्यवस्था,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए लॉक डाउन को 3 मई तक बढ़ाने का फैंसला लिया
देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने का एलान किया तो वहीं परिवार के बुजुर्गों जिन्हें कोई पुरानी बीमारी है उन्हें बचाने को सभी से एक्स्ट्रा केयर क
करने के बारे में अपील की ,आरोग्य सेतू मोबाइल एप डाऊनलोड करने व दूसरों को भी डाऊनलोड कराने के लिए प्रेरित करने की अपील की ,गरीब परिवारों के सहयोग के लिए भी पीएम ने अपील की,साथ ही उन्होंने राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए बिंदुवार कई सुझाव भी दिए ,उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट्स को इंगित करके पहले से भी ज्यादा बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी,कठोर कदम उठाने होंगे नए हॉटस्पॉट्स का बनना भारत को कठिन चुनोती देगा,पीएम ने कहा मैं आपका साथ मांग रहा हूँ।कोरोना की वैक्सीन बनाने को देश के नोजवान व वैज्ञानिक आगे आएं , उन्होंने कहा कि किसी को भी नॉकरी से न निकालें ।पीएम मोदी ने अपने उद्बबोधन में कहा कि कोरोना संक्रमन की बीमारी से हर कोई भली भांति परिचित हैं उन्होंने कहा कि इस बीमारी के रोकने को सभी सहभागी भी हैं व साक्षी भी ,उन्होंने कहा कि जब हमारे देश में एक भी केस नहीं था तभी हमने इस बीमारी की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी।
पीएम मोदी ने देशवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देशवासियों की तपश्या उठाये गए कदम से माहमारी को रोकने में सक्षम रहे हैं ,उन्होंने कहा कि वो ये भी मानते हैं कि बहुत सी दिक्कतें भी आई हैं,पीएम ने कहा की सभी अपना फर्ज अच्छे से निभा रहे हैं,बाबा साहब अम्बेडकर की जयंती पर हम अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन ये संकल्प ही सच्ची श्रद्धांजलि है,सभी देशवासियों की तरफ से बाबा साहब को नमन करता हूँ।
पीएम ने सभी देशवासियों से रूबरू होते हुए कहा कि ये एक ऐसा संकट है जिसमे किसी भी देश के साथ तुलना करना उचित नहीं हैं लेकिन फिर भी कुछ सच्चाइयों को हम नकार नहीं सकते ,कोरोना के मामलों को अगर देखा जाए तो भारत आज बहुत सम्भली स्थिति में है।अन्य देशों में भारत के मुकाबले 25 से 30 प्रतिशत अलग यही,भारत ने होलिस्टिक अप्रोच न अपनाई होती,इंटीग्रेटेड अप्रोच न अपनाई होती तो कल्पना करते ही रुंये खड़े हो जाते हैं,उन्होंए कहा कि अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखे तो महंगा जरूर ये पडा है ,लेकिन सीमित संसाधनों के बीच भारत जिस मार्ग पर चला है उसकी चर्चा होनी भी स्वाभाविक है।
24 घण्टों हर किसी ने अपना जीवन सम्भालने को प्रयास किया है व हालत को सम्भाला है,कोरोना जिस तरह फैल रहा है, उसने सरकारों को सतर्क कर दिया है।हमारे यहां नुकसान कैसे हो लोगों की दिक्कतें कम कैसे करें इस बारे में राज्यों से चर्चा की है। जिन इलाकों में कोरोना का एक भी मरीज है भी है तो मरीज़ उन इलाकों को 20 अप्रैल के बाद दी थोड़ी राहत जा सकती है।अगले एक सप्ताह लॉकडाउन का और सख़्ती से कराया जाएगा पालन-पीएम।
सलाम इंडिया।

