सोशल डिस्टेंसिंग अपनाकर कृषि कार्य कर रहे अन्नदाता।
कोरोनावायरस के संक्रमण सेेेे बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद देशभर में लॉकडाउन है वर्तमान में लॉकडाउन 3.0 कंटीन्यू है।
ऐसे में खेती किसानी का समय भी चल रहा है,अपने काम को प्रभावित होने से बचाने के लिए जहां इस बार किसानों को मजदूर नहीं मिल पाए वहीं ऐसा भी देखा गया कि जो बुजुर्ग किसान थे वो स्वयम भी खेतों में दरांती लेकर फसल काटते देखे गए ,इस बारे में सलाम इंडिया ने किसानों से बात की तो वहीं प्रधान पद प्रत्याशी रह चुके भटौना गांव के मनोज कुमार ने बताया कि किसान का काम समय से होना बहुत जरूरी होता है और अगर समय से काम पूरा ना होगा तो किसान की फसल को नुकसान भी हो सकता है ,जिस वजह से इस बार उन लोगों ने मजदूरों पर भरोसा करने के बजाय खुद ही काम किया है, इसकी वजह भी वह बताते हैं । उन्होंने बताया कि इस बार मजदूर भी कोरोना संक्रमण के भय से मजदूरी करने से कहीं ना कहीं डरे हुए थे । बुजुर्ग किसान ब्रह्म सिंह ने बताया कि उन्होंने हर बार गन्ने की फसल को काटने के लिए और गेहूं की फसल काटने के लिए मजदूरों को अपने खेत में लगाया है, लेकिन इस बार उन्हें मजदूर भी नहीं मिल पाए तो इस बढ़ती उम्र के बावजूद उन्हें खुद ही मशक्कत अपने परिवार के छोटे बड़े सदस्यों के साथ करनी पड़ी ।
सोशल डिस्टेंसिंग अपनाकर आराम करते अन्नदाता
सलाम इंडिया से बातचीत करते हुए सेना से रिटायर्ड बलवीर सिंह, सुखबीर सिंह, सत्यवीर सिंह और प्रत्यूष फौजी ने बताया कि जब मजदूर इस बार नहीं मिले तो सभी ने गर्मी से बेखबर होते हुए खुद ही कमान संभाली और आपस में लोगों ने मिलजुल कर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपनी फसल को समय से काटा है ,तो वहीं अब गन्ने की फसल की बुवाई भी की जा रही है ।
क्योंकि किसान का काम भी जरूरी है साथ ही लॉकडाउन का पालन करना भी जरूरी है ,तो ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग अपनाते हुए किसान अपने खेती किसानी के कार्य में लगे हुए हैं।कोरोना महामारी से बचाव के लिए लगातार अनवरत अपनी सेवाएं दे रहे सच्चे कोरोना योद्धा जहां डॉक्टर्स से लेकर पुलिस और प्रशासन के सभी छोटे बड़े अधिकारी कर्मचारी हैं तो वहीं लगातार जो दिन रात बिना रुके काम कर रहे हैं उन्हीं में अन्नदाता भी शामिल हैं।
सलाम इंडिया के लिए जो तश्वीर प्राप्त हुई उसमें देखा जा सकता है कि किस तरह से किसान भरी दोपहरी में आराम कर रहे हैं, लेकिन साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि अन्नदाता को यह मालूम है कि सोशल डिस्टेंसिंग कितनी जरूरी है ।सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किसान अपना कृषि कार्य कर रहे हैं।
देश की सेवा बॉर्डर पर रहकर कर चुके चुके प्रत्यूष फौजी ने बताया कि जहां सेना सरहदों पर देश की सेवा कर रही है और वहीं किसान का काम भी काफी महत्वपूर्ण है और क्योंकि किसान अपनी फसल को प्रभावित नहीं कर सकता ,जिसकी वजह से समय से खेतों में कृषि कार्य करना भी अनिवार्य होता है ,वहीं समझा जा सकता है कि जहां एक तरफ देश में लॉकडाउन 3.0 इन दिनों चल रहा है उसके साथ-साथ दूसरी तरफ किसानों ने भी सभी का पेट भरने के लिए अपनी फसल समय से उठाकर जरूरत के मुताबिक अनाज की बिक्री भी शुरू कर दी है। ऐसे में किसान का जो महत्व है उसे भी समझा जा सकता है क्योंकि सबसे पहले जो अब जरूरत है वह रोजी रोटी है और रोटी के लिए किसान का अनवरत स्वस्थ रहते हुए कार्य करना अति नितांत आवश्यक है।
सलाम इंडिया के लिए सौरभ कुमार सिंह।
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