बुलंदशहर सदर उपचुनाव:राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी प्रवीण कुमार सिंह ने की प्रेसवार्ता ,सपा और रालोद कार्यकर्ताओं में दिखी एकजुटता
बुलंदशहर उत्तर प्रदेश में उपचुनाव को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं अब तक कई पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी यहां से कर दी है, अब राष्ट्रीय लोक दल ने भी समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर उपचुनाव लड़ने का फैसला किया है।
बुलंदशहर सदर सीट पर राष्ट्रीय लोक दल की तरफ से प्रवीण कुमार सिंह को उम्मीदवार घोषित किया गया है।
हम आपको बता दें कि प्रवीण कुमार सिंह काफी लंबे समय से राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े हैं और पार्टी के प्रवक्ता भी रहे हैं,प्रवीण कुमार बुलंदशहर जिले के गांव भटौना के मूल निवासी हैं. यहां यह भी जानना जरूरी है कि भटोना गांव जिले के बड़े गांव में गिना जाता है,वीरों की भूमि के नाम से प्रसिद्ध भटौना गांव की अपनी अलग पहचान है ,यह गांव भूतपूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का पैतृक गांव है ।
राष्ट्रीय लोकदल द्वारा बुलंदशहर सदर सीट से घोषित किए गए उम्मीदवार प्रवीण कुमार स्वयं भी राजनीतिक परिवार से ही ताल्लुक रखते हैं,
रालोद नेता प्रवीण कुमार सिंह उर्फ पी.के. भूतपूर्व मंत्री जगवीर सिंह के पुत्र हैं. जगवीर सिंह अपने समय के बड़े चर्चित राजनेताओं में गिने जाते थे, जो कि केंद्र में मंत्री भी रहे थे।
सलाम इंडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय लोकदल के उम्मीदवार प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि कि आजादी के बाद से आज तक भी बुलंदशहर का विकास नहीं हो पाया है . सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि देश की राजधानी के नजदीक होने के बावजूद भी बुलंदशहर का विकास नहीं हुआ।
राष्ट्रीय लोक दल के उम्मीदवार प्रवीण कुमार ने कहा कि वह जनता के सम्मान और किसानों युवाओं और व्यापारियों की तमाम समस्याओं के मुद्दे पर वह जनता के बीच जाएंगे .उन्होंने कहा कि बुलंदशहर में जनता के द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों ने अगर समय रहते सुध ली होती, तो दिल्ली एनसीआर के समीप होने के चलते बुलंदशहर भी आज काफी आगे होता।
जनप्रतिनिधियों ने कभी बुलंदशहर की सुध ही नहीं ली, जिस वजह से दिल्ली के पास होने के बावजूद भी बुलंदशहर अभी भी पिछड़ा हुआ है।
उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। हम आपको बता दें कि बुलंदशहर सदर विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा था. बीजेपी की तरफ से यहां वीरेंद्र सिरोही विधायक थे, जो कि भारतीय जनता पार्टी के पश्चिमी यूपी के कद्दावर जाट नेताओं में गिने जाते थे और पूर्व में प्रदेश के राजस्व मंत्री भी रहे थे. उनके आकस्मिक निधन के बाद बुलंदशहर सदर सीट रिक्त हो गई थी. अपने आखिरी दिनों में वीरेंद्र सिरोही बतौर मुख्य सचेतक भाजपा विधानमंडल दल जिम्मेदारी निभा रहे थे।अब तक बुलंदशहर में प्रमुख रुप से बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशी सामने आ चुके हैं जिनके अलावा भी कई अन्य प्रत्याशी यहां हैं।रालोद और सपा के साझा प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाये जाने के बाद दोनों दलों के जिले के सभी कार्यकर्ता और नेता एक ही छत के नीचे नजर आए। यहां गौर करने वाली बात यह है कि अब चुनाव में कुछ ही समय बचा है, लेकिन अभी तक भी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी की घोषणा नहीं हो पाई है।
रालोद व सपा के साझा उम्मीदवार प्रवीण कुमार उर्फ पी.के.
सलाम इंडिया के लिए सुधीर तेवतिया व सौरभ कुमार की रिपोर्ट।

